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  5. घरेलू नुस्खों से करें तैलीय त्वचा की देखभाल

क्या नाक-नक्शा सुंदर होने के बावजूद भी आपका चेहरा हमेशा मुरझाया रहता है? क्या आपके चेहरे पर जमी तेल की मोटी परत की वजह से तस्वीरें भी अच्छी नहीं आती हैं? ऑयली स्किन वालों की यह एक बहुत बड़ी समस्या होती है। लाख कोशिश कर लो, लेकिन त्वचा पर एक चिकनाहट बनी ही रहती है। यदि आपका महंगा मेकअप और खुशबूदार कॉस्मेटिक्स भी कमाल नहीं कर पा रहे हैं तो फिर आप सब कुछ छोड़िये और घरेलू नुस्खे अपनाइए। और मजे की बात ये है कि यह उपाय पूरी तरह देशी और बजट फ्रेंडली हैं, और साथ ही साथ शत-प्रतिशत सुरक्षित भी हैं। इसके लिए आपको ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं है। आपकी ऑयली स्किन की केयर आप घर के छोटे-मोटे काम निपटाते समय भी कर सकती हैं, बस इसके लिए आपको चाहिए थोडा-सा धैर्य। फिर देखिए चेहरा ऐसा खिलेगा कि कैमरा भी कह उठेगा-चेहरा है या चांद खिला।

तैलीय त्वचा (ऑयली स्किन) क्या है? - (What Is Oily Skin In Hindi?)

ऑयली स्किन केयर ट्रीटमेंट करवाते समय आप हजार बार यह सोचते होंगे कि आपकी त्वचा ऐसी क्यों हैं! दूसरों की तरह यह नॉर्मल क्यों नहीं हो सकती! तो यह जान लीजिए कि थोड़ी बहुत तैलीय त्वचा सभी की होती है। किसी-किसी की यह ज्यादा होती है। इसका कारण है-हमारे चेहरे और नाक पर अत्यधिक त्वगवसा का जमा होना। त्वग यानी त्वचा और वसा का अर्थ है तेल। दरअसल हमारी त्वचा में पाए जाने वाला [1] यह तेल उसे स्वस्थ और चमकदार बनाता है। इसके अलावा यह त्वचा को कोमल भी बनाए रखता है। यदि किन्हीं कारणों से इसका उत्पादन जरूरत से ज्यादा होने लगे, तो यह त्वचा में अपने दुष्प्रभाव देना शुरू कर देता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हमारे बालों और त्वचा में वसामय ग्रंथियां नामक ग्रंथियां पाई जाती हैं, जिनसे त्वगवसा [सीबम] निकलता है, जिसके अत्याधिक उत्पादन के कारण त्वचा शुष्क और चिकनी हो जाती है। जिसके फलस्वरूप त्वचा तैलीय हो जाती है।

तैलीय त्वचा के कारण- (Oily Skin Causes In Hindi)

यह सभी जानते हैं और मानते हैं कि जिस तरह की जीवनशैली हम जीते जा रहे हैं, उसका असर सीधा हमारे शरीर पर पड़ रहा है। त्वचा पर वो चमक नहीं रह गई है, जो हमारी माँओं के चहरे पर आज भी दिखती है। यह तो आप जान ही गए कि तैलीय त्वचा का मुख्य कारण अत्याधिक सीबम का स्राव होना है। मुख्यतः इसके लिए हमारे हार्मोन्स [2] जिम्मेदार होते हैं। कई लोगों में यह अनुवांशिक भी होता है। वहीँ यौवनास्था के आते ही यह स्राव पहले से अधिक हो जाता है। हम आपको यह भी बता दें कि यह समस्या पुरुषों और महिलाओं दोनों को ही सामान रूप से हो सकती है, क्योंकि ये ग्रंथियां दोनों में ही पाई जाती हैं। बहरहाल इन मुख्य कारणों के अलावा भी कई और वजहें हैं, जिनसे हमारी त्वचा हमेशा तैलीय रहती है। आइए जानते हैं इनके बारे में-

1. खराब खान-पान से होती है ऑयली स्किन-(Poor Diet Cause Oily Skin In Hindi)

एक स्वस्थ शरीर और चमकदार चेहरे के पीछे हमारा संतुलित आहार और सख्त अनुशासन है। जहाँ भी ये अनुशासन बिगड़ा और खानपान में कोताही बरती तो समझिए कि सेहत बिगड़ी। वहीँ चेहरा भी मुरझा जाएगा। ज्यादा तेल-मसाले का खाना यों भी हमारे लिए अच्छा नहीं होता है, फिर कहीं आपकी स्किन जरा भी ऑयली हुई तो समझिए कि सारी चिकनाहट चेहरे पर ही नजर आएगी। डायटीशियन की माने तो वसायुक्त और अधिक नमक के सेवन से भी त्वचा तैलीय हो जाती है। ये बात जंक फूड के शौकीनों पर भी लागू होती है।

2. कुछ दवाओं का सेवन करने से भी होती है तैलीय त्वचा-(Medications)

महिलाओं में ऑयली स्किन होने की एक वजह गर्भनिरोधक और फर्टिलिटी बढ़ाने वाली गोलियों का लगातार सेवन भी है। ये स्टेरॉयड त्वचा को तैलीय बनाते हैं। यह स्किन को डीहाइड्रेट करते हैं, जो त्वचा में जरूरत से ज्यादा वसा का उत्पादन करता है।

3. किशोरावस्था में त्वचा हो जाती है तैलीय- (Cause Of Oily Skin Is Puberty In Hindi)

9 से 10 साल की उम्र में किशोरावस्था शुरू हो जाती है। शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं। यह हार्मोन इन ग्रंथियों को प्रोत्साहित करती हैं, जिससे यह अतिसक्रिय हो जाती हैं, जिसके चलते इनमें से पहले की तुलना में त्वग्वासा का स्राव अधिक बढ़ जाता है।और फिर यह वसा त्वचा के रोमछिद्रों में जाकर जमा हो जाता है। धीरे-धीरे इसमें बैक्टीरिया बनने लगते हैं, जो कील-मुंहासों का कारण बनते हैं।

4. हार्मोनल परिवर्तन बनाते हैं त्वचा को तैलीय (Hormonal Imbalance)

15 से 35 साल की उम्र में यह ग्रंथियां सबसे ज्यादा सक्रिय होती हैं। इसका एक मेडिकल टर्म है जिसे सेबोर्हेआ कहते हैं। ये त्वचा की वसा ग्रंथियों का कोई दोष, और यह कई कारणों से हो सकता है। सेक्स हार्मोन्स इन ग्रंथियों को ज्यादा सक्रिय बना देती हैं। खासतौर पर एण्ड्रोजन। वहीं पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन इन ग्रंथियों को सक्रिय बनाने में भूमिका निभाता है। महिलाओं में प्रोजेस्टेरोन और एण्ड्रोजन हार्मोन्स के असंतुलन के कारण उन्हें पीसीओएस की दिक्कत हो जाती है, जो तैलीय त्वचा का कारण बनती है।

5 . कॉस्मेटिक्स का अधिक उपयोग करने से भी होती है स्किन ऑयली-Excessive Use Of Cosmetics)

यदि रोजाना मेकअप में रहना आपकी मजबूरी है तो जान लीजिए कि आपकी ऑयली स्किन होने की सबसे बड़ी वजहों में से यह भी एक वजह है। हर रोज मेकअप करना आपकी त्वचा को परेशानी में दाल सकता है। कुछ कॉस्मेटिक्स ऐसे होते हैं, जिनमें त्वचा में शाइन लाने के लिए कुछ हार्श केमिकल मिलाए जाते हैं। यह त्वचा के रोमछिद्रों को बंद कर देता है, जिससे में बैक्टीरिया पनपने लगते हैं।

6. तनाव से भी होती है त्वचा ऑयली-(Stress)

जब व्यक्ति तनाव में होता है तो खास तरह का रसायन जिसे कोर्टिसोल कहते हैं, रिसने लगता है, जो अत्याधिक तेल की मात्रा को बढ़ा देता है। यही कारण है कि ऑयली स्किन वालों को जरा-सा तनाव लेने पर मुंहासे हो जाते हैं।

तैलीय त्वचा का इलाज -(Oily Skin Treatments In Hindi)

यदि आपको पस के साथ कील-मुंहासों हैं तो चमड़ी के डर्मेटोलॉजिस्ट को जरूर दिखाएं, वरना यह दिक्कत आगे जाकर काफी बढ़ सकती है। यदि समस्या ज्यादा बड़ी नहीं है तो आप रेटिनॉएड भी लगा सकते हैं। कहीं-कहीं डॉक्टर व्यक्ति को ऑयली स्किन के लिए हार्मोन [3] थेरेपी भी देते हैं। इसके लिए कई तरह के स्किन ट्रीटमेंट जैसे कि बोटॉक्स, लेजर आदि दिए जाते हैं। आयुर्वेद और नेचुरोपैथी में भी इसका इलाज है। वहीं ब्यूटी और वैलनेस सेंटर में ऑयली स्किन के लिए कॉस्मेटिक्स क्ले सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। इसे फ्रेंच ग्रीन क्ले भी कहते हैं। यह पाउडर में मिलता है। महीने में एक बार इस मास्क को लगाएं तो ऑयली स्किन से होने वाली परेशानियां खत्म हो जाती हैं। इसके अतिरिक्त ऑयली स्किन के कई अन्य मास्क जैसे चारकोल मास्क, मड फेस मास्क, पीलऑफ मास्क, चोको एंड कैफीन मास्क आदि भी प्रयोग में लाए जाते हैं। इसके अलावा ऑयली स्किन केयर के लिए डायटीशियन भी कुछ टिप्स देते हैं। उनकी मानें तो आपको नमक और चीनी कम कर देनी चाहिए। इससे आपकी त्वचा पतली भी होगी और त्वचा में जरूरत से ज्यादा चिकनाहट नहीं बनेगी। प्रोसेस्ड फूड से बचें और ओमेगा-3 युक्त आहार लें।

तैलीय त्वचा (ऑयली स्किन) के लिए घरेलू उपाय - (Home Remedies For Oily Skin In Hindi)

यूं तो मार्केट में ऑयली स्किन के लिए कई ट्रीटमेंट मौजूद हैं। आप चाहें तो वो सब भी करवा सकते हैं, लेकिन हर कोई नियमित रूप से [4] यह खर्चा नहीं उठा सकता है। बेहतर होगा कि आप घर पर ही इसका इलाज करें पुराने प्रैक्टिस के अनुसार। यह देर से असर करता है, किन्तु भीतर तक असर करता है। कुछ समय में ही आपकी परेशानी जड़ से खत्म हो जाएगी। आइए जानते हैं कि किन घरेलू नुस्खों से आप अपनी तैलीय त्वचा की देखभाल कर सकते हैं-

1. तैलीय त्वचा के लिए फायदेमंद दही-(Curd)

दही ना केवल खाने के लिए, बल्कि लगाने के लिए भी सर्वोत्तम फसपैक है। इसे नॉर्मल से लेकर ड्राई और ऑयली स्किन वाले तक लगा सकते हैं, लेकिन तैलीय त्वचा पर यह सबसे ज्यादा फायदा पहुंचता है। बता दें कि इसमें मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा को ऑयलफ्री रखने के अलावा उसे चमकदार भी बनाता है। तैलीय त्वचा के लोग इसे बेसन के साथ मिलाकर लगाएं, तो यह त्वचा को पतला और जवां रखेगा।

2. .ओटमील ऑयली स्किन से दिलाए राहत- (Oatmeal)

दही की तरह ओटमील भी त्वचा और स्वास्थ्य दोनों के लिए ही फायदेमंद है। यह सीबम के अत्याधिक उत्पादन को रोकने में सक्षम है। यह एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी है। यह एक बेहतरीन फेस स्क्रब भी है। तैलीय त्वचा वाले इसे ग्रीन टी के पानी के साथ मिलाकर लगाएं। सप्ताह में दो बार लगाने से आपकी तैलीय त्वचा चमकदार हो जाएगी।

3. हल्दी का मिश्रण तैलीय त्वचा के लिए लाभकारी-(Turmeric)

हल्दी एंटीबैक्टीरियल है। यह तो आप जानते ही होंगे कि हमारे बड़े शरीर पर चोट लगने पर हल्दी वाला दूध पीने कि सलाह देते हैं।चोट वाली जगह पर भी हल्दी का लेप लगते हैं, ताकि किसी भी प्रकार के इन्फेक्शन से बचा सके। तैलीय त्वचा पर हल्दी और दूध का मिश्रण रामबाण का काम करता है। यदि आपकी त्वचा अत्याधिक तैलीय है तो इसे गुलाबजल के साथ मिलाकर लगाए। यह आपको स्किन को टोन करने के साथ उसे चमकदार भी बनाएगा।

4. नींबू ऑयली स्किन के लिए फायदेमंद-(Lemon)

नींबू में विटामिन-सी की मात्रा भरपूर होती है। सिट्रिक एसिड होने की वजह से यह एस्ट्रिंजेंट का काम करता है। एक कॉटन बॉल को नींबू के रस और डिस्टिल्ड वॉटर के साथ मिलाकर कुछ देर चेहरे पर रखें। यह प्रक्रिया सप्ताह में कम-से-कम दो बार करें। त्वचा मानों ऐसी हो जाएगी जैसे-बेबी स्किन।

5. ऑयली स्किन से छुटकारा दिलाती है शहद-(Honey)

शहद एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक है। इसे खाने में जितना स्वाद है, उतना ही चेहरे पर लगाकर फायदा है। शहद में क्लींजिंग प्रॉपर्टीज भी होती हैं, जो त्वचा को भीतर से साफ़ करता है। इसे दूध और बादाम के पेस्ट के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाएं, चेहरा 10 मिनट में खिल उठेगा।

तैलीय त्वचा से बचाव - ( Oily Skin Prevention Tips In Hindi)

  • तैलीय त्वचा से बचाव के लिए रोजाना सादे पानी से चेहरा धोएं।
  • नीम का पैक आपकी त्वचा के लिए उत्तम है।
  • फसपैक के बाद हमेशा आइसक्यूब्स लगाएं। यह चेहरे से चिकनाहट निकालने में मददगार साबित होगा।
  • ऑयलफ्री मॉइस्चराइजर लगाएं, ताकि चेहरा मुलायम और चमकदार बना रहे।
  • जब भी बाहर जाएं तो सनस्क्रीन जरूर लगाएं।
  • इसके अलावा खानपान पर ध्यान दें। तला-भुना कम खाएं और नमक व चीनी से परहेज करें।

डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए - (When To See A Doctor?)

डॉक्टर के पास जाने की आपको तब जरूरत पड़ती है जब दिक्कत इन घरेलू नुस्खों से ठीक न हो। कई बार त्वचा ऑयली किसी शारीरिक कमी या हार्मोन्स के असंतुलन के कारण भी होती है। ऐसे में डॉक्टर ही इसका सही इलाज कर सकता है। किसी अच्छे डर्मेटोलॉजिस्ट को ही दिखाएं।

अकसर पूछे जाने वाले सवाल - FAQs

1. तैलीय त्वचा होना अच्छा है या बुरा?-Is it good or bad to have oily skin?

तैलीय त्वचा होने के अपने फायदे हैं। तेल चेहरे को सुरक्षित रखता है। हम सभी जानते हैं कि रुखी-सूखी त्वचा में बहुत जल्दी झुर्रियां पड़ने लगती हैं। यह त्वचा में कसाव बनाए रखता ह ई, जिससे त्वचा जल्दी ढीली नहीं पड़ती है।

2. क्या तैलीय त्वचा की उम्र बेहतर होती है?-Does oily skin age better?

यह सच हैं तैलीय त्वचा वालों को झुर्रियां देर से पड़ती है। ड्राई और नार्मल स्किन वालों की तुलना में ऑयली स्किन वाले अधिक उम्र तक जवान और खूबसूरत दिखते हैं, बशर्ते कि उनके चेहरे पर पस वाले मुंहासे न हों।

3. क्या खाद्य पदार्थ तैलीय त्वचा का कारण बनते हैं?-What foods cause oily skin?

खाद्य पदार्थ दूध और दूध से बनी चीजें तैलीय त्वचा का कारण बनते हैं। यदि आपकी त्वचा काफी ऑयली है तो बेशक आपको डेरी उत्पादों से सेवन से बचना चाहिए। इसके अतिरिक्त तली हुई और ज्यादा नमक वाली चीजें भी नहीं खानी चाहिए। नमक आपकी त्वचा को डीहाइड्रेट करता है। अल्कोहल से भी बचें।

4. तैलीय त्वचा किस हार्मोन का कारण बनती है?-What hormone causes oily skin?

महिलाओं में यह एण्ड्रोजन और पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन नामक हार्मोन का कारण तैलीय त्वचा बनती है। किशोरावस्था में आने के बाद यह हार्मोन अत्याधिक सक्रिय हो जाते हैं। कुछ महिलाओं में ये मेनोपॉज के बाद शुरू होता है।

5. सुबह मेरा चेहरा इतना ऑयली क्यों होता है?-Why is my face so oily in the morning?

दरअसल एक लम्बी नींद के बाद हमारी त्वचा में एक मोमी और चिपचिपा रिसाव होने लगता है, जिसे सीबम कहते हैं। यह हामारी त्वचा को सुरक्षित और कोमल बनाता है। जब रातभर हम आराम कर रहे होते हैं तो हमारी त्वचा भी आराम कर रही होती है, जिसके कारण इसमें से सीबम रिसने लगता है।

निष्कर्ष

उपरोक्त सुझाए गए घरेलू नुस्खों को अपनाकर आप अपनी तैलीय त्वचा की चिकनाहट को हमेशा के लिए हटा सकते हैं। मगर आपको इनका इस्तेमाल कम-से-कम सप्ताह में दो बार अवश्य करना है। आप पाएंगे कि इन्हें आजमाकर आपकी त्वचा दिन-प्रतिदिन निखरती जा रही है। आपको इसके लिए किसी वैलनेस सेंटर या पार्लर भी नहीं जाना पड़ेगा।

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